छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) ने पीएम कुसुम (PM-KUSUM) योजना के Component A के तहत राज्य में ग्रिड से जुड़े सौर विद्युत संयंत्रों की स्थापना हेतु Expression of Interest (EOI) आमंत्रित किए हैं।
इस पहल का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने साथ-साथ बंजर एवं अनुपयोगी भूमि का बेहतर उपयोग करते हुए राज्य में स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देना भी है। छत्तीसगढ़ में किसानों के लिए सौर ऊर्जा के माध्यम से यह अतिरिक्त आय प्राप्त करने का अवसर है।
पीएम कुसुम (PM-KUSUM) योजना Component A क्या है ?
PM-KUSUM (Pradhan Mantri Kisan Urja Suraksha Evam Utthaan Mahabhiyan) भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य है:
- देश की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में वृद्धि करना।
- कृषि क्षेत्र में डीज़ल-पेट्रोल पर निर्भरता कम करना।
- किसानों को स्थायी और अतिरिक्त आय का स्रोत उपलब्ध कराना है।
Component A के अंतर्गत किसान एवं ग्रामीण संस्थान 500 kW से 2 MW तक के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर सकते हैं और उत्पादित बिजली को CSPDCL को 25 वर्षों तक बेच सकते हैं। इसके लिए Power Purchase Agreement (PPA) किया जाएगा।
कौन कर सकता है आवेदन?
इस योजना के अंतर्गत व्यक्तिगत किसान, किसानों के समूह, सहकारी समितियां, ग्राम पंचायतें, किसान उत्पादक संगठन (FPOs) तथा जल उपयोगकर्ता संघ (WUAs) आवेदन करने के पात्र हैं।
भूमि से जुड़ी आवश्यक शर्तें
Component A के तहत सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए बंजर, अनुपजाऊ, परती, चारागाह अथवा दलदली भूमि का उपयोग किया जा सकता है। यह भूमि किसी अधिसूचित 33/11 kV सब-स्टेशन से अधिकतम 5 किलोमीटर की दूरी के भीतर होनी चाहिए। सामान्यतः 1 मेगावाट क्षमता के सौर संयंत्र के लिए लगभग 3.5 एकड़ भूमि की आवश्यकता होती है।
परियोजना क्षमता सीमा
इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक परियोजना की न्यूनतम क्षमता 500 किलोवाट और अधिकतम क्षमता 2 मेगावाट (प्रति परियोजना) निर्धारित की गई है।
परियोजना विकास के दो विकल्प
01) स्वयं निवेश मॉडल (Own Investment Mode)
स्वयं निवेश मॉडल के अंतर्गत किसान स्वयं पूंजी निवेश कर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करते हैं और उसके पूर्ण मालिक होंगे। ऐसे मामलों में CSPDCL के साथ 25 वर्षों की अवधि के लिए Power Purchase Agreement किया जाता है, जिससे किसानों को लंबे समय तक सुनिश्चित आय प्राप्त होती है।
02) लीज मॉडल (Lease Mode)
लीज मॉडल में किसान अपनी भूमि सौर ऊर्जा डेवलपर को लीज पर देते हैं। इसके बदले उन्हें या तो निश्चित किराया प्राप्त होता है या फिर उत्पादित बिजली की मात्रा के आधार पर भुगतान किया जाता है। यह विकल्प उन किसानों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो स्वयं निवेश नहीं करना चाहते।
टैरिफ और वित्तीय प्रावधान (Tariff & Financials)
इस योजना के अंतर्गत बिजली के लिए पूर्व-निर्धारित टैरिफ ₹3.51 प्रति यूनिट निर्धारित किया गया है, जो अधिकतम सीमा (ceiling rate) है। यदि एक से अधिक प्रस्ताव प्राप्त होते हैं, तो सबसे कम टैरिफ (L1) को प्राथमिकता दी जाएगी। आवेदन के लिए ₹5,000 का गैर-वापसी योग्य शुल्क निर्धारित है, जबकि परफॉर्मेंस बैंक गारंटी ₹5 लाख प्रति मेगावाट रखी गई है।
बिजली आपूर्ति और प्रदर्शन मानक (Power & Performance)
सौर ऊर्जा संयंत्र से उत्पादित बिजली की आपूर्ति 11 kV CSPDCL सब-स्टेशन पर की जाएगी। परियोजना के प्रदर्शन का आकलन Capacity Utilization Factor (CUF) के आधार पर किया जाएगा। अपेक्षित CUF 19% से 24% के बीच रखा गया है, जबकि न्यूनतम स्वीकार्य CUF 15% है। यदि CUF 15% से कम पाया जाता है, तो दंडात्मक प्रावधान लागू होंगे।
महत्वपूर्ण तिथियां (Important Dates)
इस योजना के तहत EOI जारी करने की तिथि 16 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 24 दिसंबर 2025 शाम 5:00 बजे तक है। चयनित परियोजनाओं को 31 मार्च 2026 या उससे पहले कमीशनिंग करना अनिवार्य होगा।
गुणवत्ता एवं तकनीकी मानक (Quality & Compliance)
योजना के अंतर्गत केवल Made-in-India सोलर मॉड्यूल का उपयोग करना अनिवार्य है। ये मॉड्यूल नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) की ALMM (List-II) में सूचीबद्ध होने चाहिए। इसके अतिरिक्त, सभी उपकरणों को BIS, IEC और MNRE द्वारा निर्धारित मानकों का पालन करना होगा।
पीएम कुसुम Component A योजना किसानों के लिए क्यों खास है?
यह योजना किसानों को 25 वर्षों तक स्थायी और सुनिश्चित आय प्रदान करता है। यह योजना अनुपयोगी भूमि को आय के साधन में बदलने का अवसर देती है, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देती है और ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा अवसंरचना को मजबूत करती है।
पीएम कुसुम Component A योजना छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए स्वच्छ ऊर्जा और आर्थिक सुरक्षा का एक प्रभावी मॉडल है। जो किसान दीर्घकालिक, सुरक्षित और भरोसेमंद आय के विकल्प तलाश रहे हैं, उनके लिए यह योजना एक सुनहरा अवसर है इसलिए इच्छुक हितधारकों को समय रहते आवेदन करना चाहिए।

