छत्तीसगढ़ सरकार ने आम उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से हॉफ बिजली बिल योजना में संशोधन किया है। यह संशोधन ऊर्जा की बचत और महंगाई से राहत के प्रयासों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साथ ही भारत सरकार की प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को भी राज्य में प्रभावी ढंग से लागू किया गया है।
संशोधित हाफ बिजली बिल योजना की प्रमुख बातें:
- योजना के तहत अब मात्र 100 यूनिट प्रतिमाह तक की खपत करने वाले पात्र उपभोक्ताओं को रियायत का लाभ दिया जाएगा।
- पहले यह सीमा 400 यूनिट प्रतिमाह थी, जिसे संशोधित कर 100 यूनिट कर दिया गया है।
- कुल देय राशि में निम्न मदों पर 50% रियायत दी जाएगी:
- एनर्जी चार्ज
- फिक्स्ड चार्ज
- वैरिएबल कॉस्ट एडजस्टमेंट (FPPAS)
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना (केंद्र एवं राज्य वित्तीय सहायता) :
घरेलू उपभोक्ताओं को अपने परिसर में सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित करने पर केंद्र और राज्य सरकार दोनों की ओर से वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
भारत सरकार की केंद्रीय वित्तीय सहायता
- 1 किलोवॉट: ₹30,000/-
- 2 किलोवॉट: ₹60,000/-
- 3 किलोवॉट या अधिक: अधिकतम ₹78,000/-
राज्य सरकार की अतिरिक्त सहायता
- 1 किलोवॉट सोलर प्लांट पर: ₹15,000/-
- 2 किलोवॉट या अधिक पर: अधिकतम ₹30,000/-
इस प्रकार, अधिकतम संयुक्त सहायता 1,08,000/- रुपये तक उपलब्ध है।
सेवा और संपर्क माध्यम
- उपभोक्ता पोर्टल, पीएम सूर्यघर ऐप, सीएसपीडीसीएल वेबसाइट, मोर बिजली ऐप, अथवा टोल फ्री नंबर 1912 के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
- सब्सिडी की राशि सीधे उपभोक्ता के बैंक खाते में जमा की जाएगी।
- राज्य सरकार ने नागरिकों से योजना का लाभ उठाने और हरित ऊर्जा में भागीदारी की अपील की है।
- योजना की सभी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
अतिरिक्त जानकारी:
- 2 किलोवॉट सोलर प्लांट से औसतन 240 यूनिट प्रति माह बिजली उत्पादन संभव है।
- उपभोक्ता अतिरिक्त बिजली ग्रिड में बेचकर आय भी अर्जित कर सकते हैं।
- योजना से जुड़े सभी कार्य पूरी तरह ऑनलाइन किए जा रहे हैं।
