Green Transport : Joshi–Gadkari Take a Ride in a Hydrogen FCEV
भारत सरकार पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी लंबे समय से हाइड्रोजन ईंधन तकनीक के प्रबल समर्थक रहे हैं। हाल ही में उन्होंने केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी के साथ टोयोटा मिराई हाइड्रोजन फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक वाहन (FCEV) में सवारी की।
हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक (Hydrogen Fuel-Cell Electric Vehicle)
टोयोटा मिराई (Toyota Mirai) दूसरी पीढ़ी का हाइड्रोजन फ्यूल-सेल इलेक्ट्रिक वाहन (FCEV) है। यह वाहन हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के बीच होने वाली रासायनिक प्रतिक्रिया से बिजली उत्पन्न करता है, जिसमें केवल जल वाष्प उप-उत्पाद के रूप में निकलता है।
इस वाहन की ड्राइविंग रेंज लगभग 650 किलोमीटर है और इसमें 05 मिनट से भी कम समय में ईंधन भरने की क्षमता है। इन विशेषताओं के कारण टोयोटा मिराई को दुनिया के सबसे उन्नत और कुशल शून्य-उत्सर्जन गतिशीलता समाधानों में से एक माना जाता है।
राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का महत्व
भारत की राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन 2023 में शुरू हुई, सरकार नेट-जीरो उत्सर्जन की दिशा में काम कर रही है, जिसका उद्देश्य 2030 तक 5 मिलियन मीट्रिक टन हरित हाइड्रोजन उत्पादन करना है। गडकरी ने इसे भारी वाहनों के लिए आदर्श बताया है।
हाइड्रोजन ईंधन भारत की स्वच्छ ऊर्जा क्रांति का प्रतीक बन रहा है। यह घटना नागरिकों को हरित नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित करती है। भविष्य में, हाइड्रोजन परिवहन को बदल सकता है, जो पर्यावरण संरक्षण में योगदान देगा।

