मुख्य बिंदु (Key Points)
- भारत ने 2014 से अब तक अक्षय ऊर्जा क्षमता को 75 GW से बढ़ाकर 220 GW किया
- 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता का लक्ष्य तय
भारत ऊर्जा संक्रमण में बना वैश्विक अग्रणी
केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि भारत अभूतपूर्व गति, पैमाने और दायरे के साथ वैश्विक ऊर्जा संक्रमण का नेतृत्व कर रहा है। नई दिल्ली में आयोजित तीसरे इंडिया एनर्जी ट्रांजिशन सम्मेलन में उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने न केवल महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किए हैं बल्कि उन्हें रिकॉर्ड समय में हासिल भी किया है।

भारत ने अब तक लगभग 100 GW सौर क्षमता प्राप्त कर ली है और हर साल 50 GW नई नवीकरणीय क्षमता जोड़ने की तैयारी है|पिछले दस वर्षों में भारत की अक्षय ऊर्जा क्षमता 75.52 GW (2014) से बढ़कर 220 GW हो चुकी है ।साथ ही, सौर ऊर्जा टैरिफ में भी 80% की गिरावट आई है|जिससे भारत आज सस्ती नवीकरणीय ऊर्जा में अग्रणी बन चुका है|
मुख्य उपलब्धियां
- 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म क्षमता का लक्ष्य
- 2047 तक 1,800 GW तक पहुँचने का विज़न
- पीएम सूर्यघर योजना से 1 करोड़ सौर पैनल
श्री जोशी ने यह भी कहा कि भारत की नवीकरणीय ऊर्जा नीति, स्थिरता और निवेशक विश्वास ने इस क्षेत्र को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है।Gandhinagar में हुए RE-Invest कार्यक्रम में ₹32.45 लाख करोड़ से अधिक निवेश प्रतिबद्धताएं की गईं और 540 GW सौर एवं पवन क्षमता की घोषणा हुई।
भारत आज ऊर्जा क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में यह दुनिया को एक नया हरित भविष्य प्रदान करेगा।
यह भी देखें –
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