In 2025, India Achieved A Historic Milestone In The Renewable Energy Sector
भारत ने वर्ष 2025 में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में अब तक की सबसे बड़ी वार्षिक वृद्धि दर्ज करते हुए स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के अनुसार, देश ने नवंबर 2025 तक कुल 44.5 गीगावाट (GW) नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ी, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग दोगुनी है। यह उपलब्धि COP-26 में घोषित भारत के 500 GW गैर-जीवाश्म ऊर्जा लक्ष्य (2030) की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
गैर-जीवाश्म ऊर्जा से 51.5% बिजली क्षमता
नवंबर 2025 तक भारत की कुल गैर-जीवाश्म आधारित स्थापित बिजली क्षमता 262.74 GW हो गई है, जो देश की कुल बिजली क्षमता 509.64 GW का 51.5% है। भारत ने यह लक्ष्य पेरिस समझौते के तहत तय 2030 समयसीमा से 5 वर्ष पहले हासिल कर लिया है।
सौर ऊर्जा बनी ग्रोथ की रीढ़
वर्ष 2025 में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की वृद्धि में सौर ऊर्जा का सबसे बड़ा योगदान रहा। इस अवधि में लगभग 35 GW नई सौर क्षमता जोड़ी गई, जिससे भारत की कुल सौर क्षमता बढ़कर 132.85 GW तक पहुँच गई। खास बात यह रही कि जनवरी 2025 में भारत ने 100 GW सौर क्षमता का आंकड़ा पार कर लिया। यह उपलब्धि नवंबर 2024 की तुलना में 41% से अधिक वृद्धि को दर्शाती है, जो सौर ऊर्जा सेक्टर की तेज रफ्तार को स्पष्ट करती है।
पवन ऊर्जा में भी मजबूत बढ़त
सौर ऊर्जा के साथ-साथ पवन ऊर्जा क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई। इस दौरान 5.82 GW नई पवन क्षमता जोड़ी गई और देश की कुल पवन क्षमता लगभग 54 GW तक पहुँच गई। सालाना आधार पर पवन ऊर्जा में 12.5% से अधिक की वृद्धि देखने को मिली, जो इस सेक्टर में बढ़ते निवेश और परियोजनाओं की पुष्टि करती है।
486 GW से अधिक की नवीकरणीय ऊर्जा पाइपलाइन
30 नवंबर 2025 तक, भारत में नवीकरणीय ऊर्जा की स्थिति और भी मजबूत दिखाई दी। इस समय 486.94 GW नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित, निर्माणाधीन या निविदा (टेंडर) चरण में रही। इसमें केवल सौर ऊर्जा की पाइपलाइन 237 GW से अधिक रही, जबकि हाइब्रिड और RTC (राउंड-द-क्लॉक) प्रोजेक्ट्स की क्षमता 70 GW से अधिक दर्ज की गई। यह पूरा डेटा टेंडर, EPC कंपनियों, डेवलपर्स और निवेशकों के लिए एक मजबूत और सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
सरकारी योजनाओं से मिली तेज़ रफ्तार
सरकारी योजनाओं ने नवीकरणीय ऊर्जा की वृद्धि को नई गति दी है। पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत 1 करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अब तक 14.4 लाख से अधिक सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं। वहीं, पीएम-कुसुम योजना के अंतर्गत कृषि क्षेत्र में 13 लाख से अधिक सौर पंप (2025 तक) लगाए गए, जिससे ग्रामीण और किसान-केंद्रित स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिला।
इसके अलावा, राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के माध्यम से ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया प्रोजेक्ट्स को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इस मिशन के तहत R&D और पायलट परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे भविष्य की स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों को मजबूती मिल रही है।
वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति
IRENA 2025 रिपोर्ट के अनुसार, नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की वैश्विक स्थिति काफी सशक्त रही। भारत सौर ऊर्जा में विश्व में तीसरे स्थान पर, पवन ऊर्जा में चौथे स्थान पर और कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में भी चौथे स्थान पर रहा। यह रैंकिंग भारत को वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा नेतृत्व की दिशा में मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित करती है।

