India’s wind power capacity to grow by 10.5% to reach 51.5 GW
केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा है कि भारत की पवन ऊर्जा क्षमता में पिछले साल के 46.42 GW के मुकाबले 10.5 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है और यह 51.5 GW हो गई है। उन्होंने कहा कि बढ़ती क्षमता के साथ देश नवाचार, हरित प्रौद्योगिकी और सतत प्रगति से प्रेरित होकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।
15 June Global Wind Day : वैश्विक पवन दिवस के अवसर पर श्री जोशी ने कहा कि भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है। सौर ऊर्जा से लेकर पवन ऊर्जा तक, राष्ट्र एक उज्जवल और अधिक टिकाऊ भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर रहा है। उन्होंने बताया कि मई में कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता पिछले साल के इसी महीने के 193.58 गीगावाट से 17.13 प्रतिशत बढ़कर 226.74 गीगावाट हो गई। कुल में से,
- सौर ऊर्जा क्षमता मई 2024 में 84.28 GW से 31.49 प्रतिशत बढ़कर 110.83 GW हो गई। भारत की सौर ऊर्जा क्षमता ने पिछले 11 वर्षों में एक बड़ी छलांग लगाई है, जो 2014 में मात्र 2.82 GW थी। मंत्री ने कहा, सौर ऊर्जा भारत के अक्षय ऊर्जा जोर की नई प्रेरक शक्ति के रूप में उभरी है।
- सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता की स्थापना में विस्तार को सौर कोशिकाओं और वेफर्स के मजबूत घरेलू उत्पादन का समर्थन प्राप्त है। भारत ने अब 25 GW सौर सेल उत्पादन और 2 GW वेफर उत्पादन के साथ एक मजबूत आधार तैयार किया है।
भारत ने जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में अपने कार्बन पदचिह्न को कम करने के देश के लक्ष्य के हिस्से के रूप में 2030 तक अक्षय ऊर्जा क्षमता के लिए 500 GW का लक्ष्य तय किया है।
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